लोकेश राहुल ने कहा- चैट शो विवाद ने मुझे विनम्र बनाया, इसमें द्रविड़ ने मदद की
बेंगलुरु. भारतीय ओपनर लोकेश राहुल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज में बेहतरीन बल्लेबाजी की। उन्होंने पहले मैच में 50 और दूसरे में 47 रन बनाए। दूसरे मैच के बाद राहुल ने कहा- चैट शो के दौरान महिलाओं पर उनकी टिप्पणी पर भारी विवाद ने उन्हें एक व्यक्ति के रूप में विनम्र बनाया है। इस दौरान इंडिया ए के कोच राहुल द्रविड़ ने मेरी मदद की।
द्रविड़ से अपनी कमियों और क्रिकेट के बारे में चर्चा की: राहुल
राहुल के साथ हार्दिक पंड्या ने करण जौहर के टीवी चैट शो 'कॉफी विद करण' में महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने दोनों को सस्पेंड कर दिया गया गया था। हालांकि, बाद में निलंबन हटा दिया गया।
राहुल ने कहा, ‘‘विवाद के बाद मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहा। इस दौरान टीम इंडिया में वापसी और मेरे साथ क्या सही नहीं हो रहा, इसके बारे में ही सोच रहा था। तभी मुझे इंडिया ए की ओर से खेलने का मौका मिला। जहां दबाव कम होता है। वहां मैं अपने स्किल और टेक्निक पर ध्यान दे सकता था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान मैंने राहुल द्रविड़ के साथ ज्यादा वक्त बिताया। खेल पर ध्यान दिया और क्रिकेट के बारे में बातें की। उन्होंने पांच मैचों के दौरान मेरी काफी मदद की। मैंने मैदान पर जो समय बिताया, उससे मदद मिली।’’
राहुल ने कहा, ‘‘विवाद के बाद यह मेरे लिए मुश्किल समय था। एक खिलाड़ी और एक इंसान के तौर पर सबको मुश्किल समय से गुजरना पड़ता है। मैंने इसके बाद अपने खेल और खुद पर ध्यान दिया। मैं हर परिस्थितियों का सामना करने वाला इंसान हूं।’’
26 साल के राहुल ने कहा, ‘‘इस विवाद ने मुझे विनम्र बना दिया। मुझे देश के लिए फिर से खेलने का मौका दिया गया। मैं इसका सम्मान करता हूं। हर बच्चे का सपना देश के लिए खेलना होता है। मैं इससे अलग नहीं हूं। एक खिलाड़ी के तौर पर बेहतर करना चाहता हूं।’’
विंग कमांडर अभिनंदन ने इन लड़कों से पूछा कि यह गांव पाकिस्तान में है या भारत में? इस पर एक लड़के ने जवाब दिया कि यह भारत है। इस पर अभिनंदन ने हकीकत पता करने के लिए देशभक्ति के कुछ नारे लगाए। फिर उन्होंने पूछा कि यह भारत का कौन-सा इलाका है। इस पर एक लड़के ने जवाब दिया- किलान। तब विंग कमांडर अभिनंदन ने कहा कि उनकी पीठ में चोट आई है और उन्हें पानी चाहिए। तभी एक युवक ने पाकिस्तान आर्मी जिंदाबाद के नारे लगा दिए। इस पर विंग कमांडर अभिनंदन समझ गए कि वे पीओके में हैं। जब लड़कों ने उनकी तरफ पत्थर फेंकने शुरू किए तो अभिनंदन ने अपनी रिवॉल्वर से हवा में एक फायर किया।
इसके बाद अभिनंदन भारतीय सीमा की ओर आधा किलोमीटर तक दौड़े। भीड़ उनके पीछे थी। वे चाहते थे कि भीड़ उनका पीछ ना करे, लेकिन लड़के उन पर लगातार पत्थर फेंक रहे थे। उन्होंने एक-दो और हवाई फायर किए। इसके बाद भी भीड़ पीछे आ रही थी। अभिनंदन ने एक छोटे तालाब में कुछ दस्तावेज और नक्शे डुबा दिए। कुछ कागज वे निगल गए ताकि दुश्मनों को भारत की किसी भी रणनीति का पता न चल सके।
तभी एक लड़के ने उनके पैर पर एक बड़े पत्थर से वार कर दिया। वे जख्मी हो गए। लड़के उनके साथ मारपीट करने लगे। इसके बाद भी विंग कमांडर अभिनंदन ने निहत्थी भीड़ पर गोलियां नहीं चलाईं। कुछ देर बाद पाकिस्तानी सेना के अफसर वहां आए और विंग कमांडर अभिनंदन को हिरासत में ले लिया। उन्हें पाकिस्तानी सेना की भिम्बेर स्थित यूनिट में ले जाया गया।
द्रविड़ से अपनी कमियों और क्रिकेट के बारे में चर्चा की: राहुल
राहुल के साथ हार्दिक पंड्या ने करण जौहर के टीवी चैट शो 'कॉफी विद करण' में महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने दोनों को सस्पेंड कर दिया गया गया था। हालांकि, बाद में निलंबन हटा दिया गया।
राहुल ने कहा, ‘‘विवाद के बाद मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहा। इस दौरान टीम इंडिया में वापसी और मेरे साथ क्या सही नहीं हो रहा, इसके बारे में ही सोच रहा था। तभी मुझे इंडिया ए की ओर से खेलने का मौका मिला। जहां दबाव कम होता है। वहां मैं अपने स्किल और टेक्निक पर ध्यान दे सकता था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान मैंने राहुल द्रविड़ के साथ ज्यादा वक्त बिताया। खेल पर ध्यान दिया और क्रिकेट के बारे में बातें की। उन्होंने पांच मैचों के दौरान मेरी काफी मदद की। मैंने मैदान पर जो समय बिताया, उससे मदद मिली।’’
राहुल ने कहा, ‘‘विवाद के बाद यह मेरे लिए मुश्किल समय था। एक खिलाड़ी और एक इंसान के तौर पर सबको मुश्किल समय से गुजरना पड़ता है। मैंने इसके बाद अपने खेल और खुद पर ध्यान दिया। मैं हर परिस्थितियों का सामना करने वाला इंसान हूं।’’
26 साल के राहुल ने कहा, ‘‘इस विवाद ने मुझे विनम्र बना दिया। मुझे देश के लिए फिर से खेलने का मौका दिया गया। मैं इसका सम्मान करता हूं। हर बच्चे का सपना देश के लिए खेलना होता है। मैं इससे अलग नहीं हूं। एक खिलाड़ी के तौर पर बेहतर करना चाहता हूं।’’
विंग कमांडर अभिनंदन ने इन लड़कों से पूछा कि यह गांव पाकिस्तान में है या भारत में? इस पर एक लड़के ने जवाब दिया कि यह भारत है। इस पर अभिनंदन ने हकीकत पता करने के लिए देशभक्ति के कुछ नारे लगाए। फिर उन्होंने पूछा कि यह भारत का कौन-सा इलाका है। इस पर एक लड़के ने जवाब दिया- किलान। तब विंग कमांडर अभिनंदन ने कहा कि उनकी पीठ में चोट आई है और उन्हें पानी चाहिए। तभी एक युवक ने पाकिस्तान आर्मी जिंदाबाद के नारे लगा दिए। इस पर विंग कमांडर अभिनंदन समझ गए कि वे पीओके में हैं। जब लड़कों ने उनकी तरफ पत्थर फेंकने शुरू किए तो अभिनंदन ने अपनी रिवॉल्वर से हवा में एक फायर किया।
इसके बाद अभिनंदन भारतीय सीमा की ओर आधा किलोमीटर तक दौड़े। भीड़ उनके पीछे थी। वे चाहते थे कि भीड़ उनका पीछ ना करे, लेकिन लड़के उन पर लगातार पत्थर फेंक रहे थे। उन्होंने एक-दो और हवाई फायर किए। इसके बाद भी भीड़ पीछे आ रही थी। अभिनंदन ने एक छोटे तालाब में कुछ दस्तावेज और नक्शे डुबा दिए। कुछ कागज वे निगल गए ताकि दुश्मनों को भारत की किसी भी रणनीति का पता न चल सके।
तभी एक लड़के ने उनके पैर पर एक बड़े पत्थर से वार कर दिया। वे जख्मी हो गए। लड़के उनके साथ मारपीट करने लगे। इसके बाद भी विंग कमांडर अभिनंदन ने निहत्थी भीड़ पर गोलियां नहीं चलाईं। कुछ देर बाद पाकिस्तानी सेना के अफसर वहां आए और विंग कमांडर अभिनंदन को हिरासत में ले लिया। उन्हें पाकिस्तानी सेना की भिम्बेर स्थित यूनिट में ले जाया गया।
Comments
Post a Comment